नया सवेरा
हर अंधेरी रात के बाद,
एक उजला सवेरा आता है।
थकी हुई उम्मीदों को फिर से,
नई उड़ान सिखाता है।
बीते कल की परछाइयाँ
आज की रोशनी में खो जाती हैं,
जो टूटा था, जो छूटा था,
वो सीख बनकर साथ आ जाती हैं।
नया सवेरा कहता है—
रुकना मना है, डरना नहीं।
छोटे कदम, सच्ची मेहनत,
बस आगे बढ़ते रहना है यहीं।
आज फिर खुद से वादा करें,
हार को अनुभव मान लें।
नया सवेरा दस्तक दे रहा है,
चलो—उसे मुस्कान से थाम लें।

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